Notice
जनकृति का मई-जून 2017 सयुंक्त अंक आप सभी पाठकों के समक्ष प्रस्तुत है. अंक में प्रकाशित सामग्री आप विषय सूची के आधार पर बायीं ओर स्तम्भ में पढ़ सकते हैं.

आगामी अंक हेतु रचनाएँ, लेख, शोध आलेख आमंत्रित 

 

जनकृति पत्रिका के आगामी अंक हेतु रचनाएं, लेख, शोध आलेख, साक्षात्कार, पुस्तक समीक्षा इत्यादि आमन्त्रित है। रचनाएं साहित्य की किसी भी विधा में सामाजिक विषयों पर स्वीकार्य है। जनकृति के विभिन्न स्तंभों शोध विमर्श, शिक्षा विमर्श, दलित एवं आदिवासी विमर्श, स्त्री विमर्श, भाषिक विमर्श, समसामायिक विषय, प्रवासी साहित्य, मीडिया विमर्श, बाल विमर्श, अनुवाद हेतु लेख आमन्त्रित हैं। साक्षात्कार स्तम्भ हेतु साक्षात्कार भेज सकते हैं। पत्रिका में शोध आलेख भी स्वीकार्य किये जाते हैं। शोध आलेख का प्रारूप एवं नियम पत्रिका की वेबसाईट पर उपलब्ध है। प्रारूप के अनुसार भेजे गए शोध आलेख ही चयन प्रक्रिया हेतु स्वीकार किये जाएंगे।
भेजने के नियम

1. भाषा- हिंदी एवं अंग्रेजी
2 फॉन्ट- हिंदी- यूनिकोड (मंगल, कोकिला, एरियल), अंग्रेजी- times new roman
3. अंतिम तिथि 30 जून 2017
4. पत्रिका की तरफ स्वीकृत एवं अस्वीकृत मेल 10 जुलाई तक भेजे जाएंगे।
5. मौलिकता प्रमाण पत्र हस्ताक्षर के साथ अनिवार्य है।
6. शोध आलेख का चयन विषय विशेषज्ञ द्वारा किया जाएगा। अस्वीकृत होने की स्थिति में 10 दिन का समय दिया जाएगा।

ईमेल- Jankriripatrika@gmail.com
वेबसाईट- www.jankritipatrika.in






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परिचय

जनकृति अंतरराष्ट्रीय पत्रिका, जनकृति (साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था) द्वारा प्रकाशित की जाने वाली बहुभाषी अंतरराष्ट्रीय मासिक पत्रिका है. पत्रिका मार्च 2015 से प्रारंभ हुई, जिसका उद्देश्य सृजन के प्रत्येक क्षेत्र में विमर्श के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण विषयों को पाठकों के समक्ष रखना है. इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए पत्रिका में साहित्य, कला, मीडिया, शोध, शिक्षा, दलित एवं आदिवासी, समसामायिक विमर्श स्तंभ रखे गए हैं साथ ही अनुवाद, साक्षात्कार, प्रवासी साहित्य जैसे महत्वपूर्ण स्तंभ भी पत्रिका में शामिल किए गए हैं. पत्रिका का एक उद्देश्य सृजन क्षेत्र के हस्ताक्षरों समेत नव लेखकों को प्रमुख रूप से मंच देना है. पत्रिका में शोधार्थी, शिक्षक हेतु शोध आलेख का स्तंभ भी है, जिसमें शोध आलेख प्रकाशित किए जाते हैं. पत्रिका वर्त्तमान में यूजीसी द्वारा जारी सूची के साथ-साथ विश्व की 9 से अधिक रिसर्च इंडेक्स में शामिल है. शोध आलेखों की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए विषय विशेषज्ञों द्वारा शोध आलेख का चयन किया जाता है. पत्रिका समाज एवं सृजनकर्मियों के मध्य एक वैचारिक वातावरण तैयार करना चाहती है, जो आप सभी के सहयोग से ही संभव है अतः पत्रिका में प्रकाशित सामग्रियों पर आपके विचार सदैव आमंत्रित हैं.

-कुमार गौरव मिश्रा (संस्थापक एवं प्रधान संपादक)